यूँ जो तलाश तुमको ज़िन्दगी की है तलाश ये बेकार शुरू से रही तुम्हारी व्यर्थ है लिखना उन फकीरों का भी यूँ के जी न सकोगे उनकी ज़िन्दगी भी तुम करते रहो जुगत इस तमाशे से जुड़ने की ज़िन्दगी को ज़िन्दगी भर ढूंढते रहोगे तुम कहना कुछ तो है बेकार मेरा भी पर सोचोगे तो सोचते रहोगे तुम