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Showing posts from November, 2019

आशा

इश्क़ को कुछ यूं हमने भी समझा, मुकम्मल ना भी हुआ पर कुछ सीखा के गया। तेरे आगोश में होना ही इश्क़ नहीं था, इश्क़ तेरा ख्याल, इश्क़ तेरे कमाल तेरा जमाल है।